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How to save energy, Bills, Money, Guide By Next Apply

 

Save Energy

गर्मियों में अघोषित बिजली कटौती का कहर: सरकार के भरोसे कब तक बैठेंगे? 

जानिए बिना बिजली के भी खुद को ठंडा रखने के देसी और आधुनिक तरीके

मई-जून का महीना आते ही पूरे देश में सूरज आग उगलने लगता है। पारा 45 डिग्री के पार चला जाता है और इंसान का जीना मुहाल हो जाता है। ऐसे झुलसा देने वाले मौसम में अगर सबसे ज़्यादा किसी चीज़ की ज़रूरत होती है, तो वो है 'बिजली'। लेकिन दुर्भाग्य से, जैसे ही गर्मी अपनी चरम सीमा पर पहुंचती है, वैसे ही शुरू हो जाता है—बिजली कटौती  का अंतहीन सिलसिला।

दिन में तो किसी तरह वक्त कट जाता है, लेकिन रात के समय जब अचानक बत्ती गुल होती है, तो पूरा घर भट्टी बन जाता है। छोटे बच्चे रोने लगते हैं, बुजुर्गों का दम घुटने लगता है और उमस के कारण पूरी रात करवटें बदलते हुए बीतती है। सरकारें और बिजली विभाग हर साल बड़े-बड़े दावे करते हैं कि इस बार कोई कटौती नहीं होगी, लेकिन ट्रांसफार्मर फुकने, ओवरलोडिंग और ग्रिड फेल होने की कहानियां हर साल दोहराई जाती हैं।

सवाल यह है कि क्या हम बिजली विभाग के भरोसे अपनी रातों की नींद और दिन का चैन गंवाते रहेंगे? 

क्या कोई ऐसे तरीके हैं जिससे बिजली न होने पर भी हम अपने घर और खुद को ठंडा रख सकें? बिल्कुल हैं! आज के इस लेख में हम बिजली कटौती के असली कारणों को समझेंगे और साथ ही उन बेहतरीन देसी व आधुनिक उपायों पर बात करेंगे, जिन्हें अपनाकर आप इस भीषण गर्मी को मात दे सकते हैं।

1. गर्मियों में भयंकर बिजली कटौती क्यों होती है?

गर्मियों में बिजली कटने की समस्या सिर्फ बिजली की कमी के कारण नहीं होती, इसके पीछे कुछ व्यावहारिक और तकनीकी कारण हैं:

  • ओवरलोडिंग : गर्मियों में अचानक हर घर में AC, कूलर और पंखे एक साथ चौबीसों घंटे चलने लगते हैं। इससे बिजली के तारों और ट्रांसफार्मर पर क्षमता से कई गुना ज़्यादा लोड बढ़ जाता है, जिससे ट्रांसफार्मर जल जाते हैं।

  • कमजोर Infrastructure: हमारे देश के कई हिस्सों में, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में, बिजली के तार और खंभे बहुत पुराने हैं जो अत्यधिक गर्मी और लोड को बर्दाश्त नहीं कर पाते।

  • कोयले और पानी का संकट: बिजली बनाने वाले थर्मल पावर प्लांट कई बार कोयले की कमी या गर्मियों में नदियों का पानी सूखने के कारण अपनी पूरी क्षमता से बिजली नहीं बना पाते, जिससे मजबूरन कटौती करनी पड़ती है।

2. बिजली कटने पर घर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखने के देसी और अचूक उपाय l

अगर आपके इलाके में घंटों बिजली गुल रहती है, तो आप इन पारंपरिक और वैज्ञानिक तरीकों से अपने घर के तापमान को 4 से 5 डिग्री तक कम कर सकते हैं:

क) खस-खस के परदे और गीली चादरों का जादू l

पुराने जमाने में जब कूलर नहीं होते थे, तब लोग खस एक प्रकार की सुगंधित घास)के परदे दरवाजों और खिड़कियों पर लटकाते थे और उन पर पानी छिड़कते थे। आप भी अपनी खिड़कियों पर मोटे सूती परदे या चादरें लटकाकर उन पर पानी स्प्रे कर सकते हैं। जब बाहर की गर्म हवा इन गीले परदों से होकर अंदर आएगी, तो वह बिल्कुल कूलर जैसी ठंडी हवा में बदल जाएगी।

ख) छतों को बनाएं 'कूल रूफ' 

घर में सबसे ज़्यादा गर्मी छत के रास्ते आती है, क्योंकि पूरे दिन सूरज की सीधी किरणें छत को तपाती हैं।

  • चूने का लेप: गर्मी शुरू होने से पहले अपनी छत पर चूना और फेविकोल मिलाकर सफ़ेद पेंट कर दें। सफ़ेद रंग सूरज की किरणों को परावर्तित कर देता है, जिससे नीचे का कमरा तपता नहीं है।

  • हरे नेट  का इस्तेमाल: छत पर चारों तरफ बांस बांधकर हरा नेट लगा दें। इससे छत पर सीधी धूप नहीं पड़ेगी और घर ठंडा रहेगा।

ग) 'क्रॉस वेंटिलेशन'  का सही इस्तेमाल

दोपहर के समय सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक घर के सारे खिड़की-दरवाजे और परदे पूरी तरह बंद रखें, ताकि बाहर की लू और गर्म हवा अंदर न आ सके। शाम को सूर्य अस्त होने के बाद, घर की आमने-सामने की खिड़कियां खोल दें ताकि ठंडी हवा अंदर आ सके और दिन भर की रुकी हुई गर्म हवा बाहर निकल जाए।

घ) घर के अंदर प्लांट्स लगाएं

घर के अंदर और बालकनी में एलोवेरा, स्नेक प्लांट, मनी प्लांट और एरेका पाम जैसे पौधे लगाएं। ये पौधे हवा को शुद्ध करने के साथ-साथ वातावरण में नमी बनाए रखते हैं, जिससे कमरे का तापमान प्राकृतिक रूप से कम होता है।

3. आधुनिक विकल्प: बिना सरकारी बिजली के घर को कैसे चमकाएं?

अगर आपका बजट थोड़ा ठीक है, तो आपको बिजली विभाग की लाचारी से मुक्ति पाने के लिए कुछ आधुनिक और स्थायी विकल्पों में निवेश करना चाहिए:

1. सोलर पैनल - सबसे बेहतरीन और स्थायी इलाज

गर्मियों की सबसे अच्छी बात यह है कि धूप बहुत तेज होती है। इस धूप का इस्तेमाल आप अपने घर की बिजली बनाने के लिए कर सकते हैं। घर की छत पर सोलर पैनल लगवाना आज के समय का सबसे समझदारी भरा फैसला है।

  • फायदा: दिन के समय जब सबसे ज़्यादा बिजली कटती है, तब सोलर पैनल पूरी ताकत से काम करता है। इससे आप बिना एक रुपया खर्च किए पंखे, कूलर और यहाँ तक कि AC भी चला सकते हैं। सरकार इस पर भारी सब्सिडी भी दे रही है।

2. सोलर या रिचार्जेबल पंखे 

आजकल बाजार में ऐसे पंखे आते हैं जिनमें इन-बिल्ट बैटरी होती है। बिजली रहने पर ये चार्ज हो जाते हैं और बिजली कटने पर बिना इन्वर्टर के भी 5 से 8 घंटे तक लगातार ठंडी हवा देते हैं। कुछ पंखे तो छोटे सोलर प्लेट के साथ आते हैं, जिन्हें धूप में रखकर सीधे चलाया जा सकता है।

3. इन्वर्टर और सही बैटरी का चुनाव

अगर आप नया इन्वर्टर ले रहे हैं, तो हमेशा ट्यूबलर बैटरी  चुनें। ये बैटरियां लंबा बैकअप देती हैं और गर्मियों में जल्दी गर्म नहीं होतीं। ध्यान रखें कि बिजली कटने पर इन्वर्टर पर सिर्फ पंखे और एलईडी लाइट ही चलाएं, फ्रिज या हैवी लोड न डालें ताकि बैकअप रात भर मिल सके।

4. भीषण गर्मी और उमस में खुद के शरीर को कैसे बचाएं?

कमरे को ठंडा रखने के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि आपका शरीर अंदर से ठंडा रहे, ताकि आप 'हीट स्ट्रोक' लू लगना या डिहाइड्रेशन का शिकार न हों:

  • मिट्टी के घड़े का पानी पीएं: फ्रिज का एकदम चिल्ड पानी पीने से शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है। मटके के पानी में प्राकृतिक रूप से मिट्टी के गुण होते हैं जो शरीर को अंदर से शीतलता देते हैं।

  • देसी खान-पान अपनाएं: दोपहर के समय सत्तू का शरबत, छाछ,मट्ठा, आम का पन्ना, नींबू पानी और गन्ने का रस पीएं। ये चीजें शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी नहीं होने देतीं।

  • सूती और ढीले कपड़े पहनें: गर्मियों में सिंथेटिक या डार्क रंग के कपड़े पहनने से बचें। सफ़ेद या हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, जो पसीने को सोखते हैं और शरीर तक हवा पहुंचने देते हैं।

  • तले-भुने खाने से तौबा: गर्मियों में भारी, मसालेदार और मांसाहारी भोजन पचाने में शरीर को बहुत मेहनत करनी पड़ती है, जिससे शरीर का आंतरिक तापमान बढ़ जाता है। हल्का और सुपाच्य भोजन जैसे लौकी, तोरई, खीरा, तरबूज खाएं।

निष्कर्ष: आत्मनिर्भरता ही समाधान है

मौसम का मिजाज हर साल बदल रहा है और ग्लोबल वार्मिंग के कारण गर्मियां लंबी और खतरनाक होती जा रही हैं। ऐसे में सिर्फ बिजली विभाग को कोसने या सरकार के भरोसे हाथ पर हाथ धरकर बैठे रहने से हमारी तकलीफ कम नहीं होगी।

हमें अपनी जीवनशैली में थोड़े बदलाव करने होंगे। घरों को इस तरह डिजाइन करना होगा कि वे प्राकृतिक रूप से ठंडे रहें, और धीरे-धीरे सोलर जैसी रिन्यूएबल एनर्जी अक्षय ऊर्जा की तरफ बढ़ना होगा। जब हम खुद को इन संकटों के लिए तैयार कर लेंगे, तो बिजली चाहे 1 घंटे के लिए कटे या 5 घंटे के लिए, हमारा परिवार सुरक्षित और आरामदायक जिंदगी जी सकेगा।

          Disclaimer:

 nextapply.in पर दी गई यह जानकारी केवल पाठकों की जागरूकता और सामान्य ज्ञान Educational Purpose के लिए साझा किया गया  है। इस लेख में बताए गए तकनीकी उपकरणों जैसे सोलर पैनल, इन्वर्टर, बैटरी या रिचार्जेबल पंखे को खरीदते या घर में इंस्टॉल करते समय हमेशा किसी सर्टिफाइड इलेक्ट्रिशियन या कंपनी के विशेषज्ञ की सलाह लें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। गलत वायरिंग या क्षमता से अधिक लोड डालने पर दुर्घटना या वित्तीय नुकसान हो सकता है, जिसके लिए हमारी वेबसाइट जिम्मेदार नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, अत्यधिक गर्मी या लू लगने के कारण यदि तबीयत खराब होती है, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे न रहकर तुरंत किसी योग्य डॉक्टर से संपर्क करें।

आपकी क्या राय है? आपके इलाके में रोज़ाना कितने घंटे बिजली कटती है? गर्मी से बचने के लिए आप कौन सा देसी तरीका अपनाते हैं? अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में हमारे साथ ज़रूर साझा करें!

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